PYFC 2.0

PYFC 2.0 से पर्यावरणीय स्वयंसेवा को मिला बड़ा विस्तार अब

“वॉलंटियरिंग के जरिए हरित भविष्य की ओर एक कदम”

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: प्लांट योर फ्यूचर कैंपेन (PYFC) 2.0 का ग्रैंड कॉन्फ्रेंस रविवार को नई दिल्ली स्थित विश्व युवा केंद्र, चाणक्यपुरी में आयोजित किया गया। सोशल एक्शन मोबिलाइज़र द्वारा आयोजित इस दूसरे संस्करण में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें पर्यावरण कार्यकर्ता, युवा स्वयंसेवक, शिक्षाविद, कॉरपोरेट प्रतिनिधि, संस्थान और नागरिक समाज संगठन शामिल रहे।

सम्मेलन का केंद्रीय संदेश रहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल विशेषज्ञों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। व्यापक जनभागीदारी, स्वयंसेवा और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के जरिए ही स्थायी बदलाव की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

एक वर्ष में उल्लेखनीय विस्तार: PYFC 2.0 के तहत 32,000+ स्वयंसेवकों को 21 राज्यों में जोड़ा गया और 98+ संस्थानों एवं संगठनों के साथ साझेदारी विकसित हुई। यह पिछले संस्करण की तुलना में उल्लेखनीय विस्तार है, जब अभियान ने 13,000+ स्वयंसेवकों, 8 राज्यों और 64+ साझेदार संस्थानों एवं संगठनों तक पहुंच बनाई थी।

प्रमुख आंकड़े संख्या
स्वयंसेवक 32,000+
राज्य 21
संस्था/संगठन साझेदार 98+
सम्मेलन प्रतिभागी 300+

पर्यावरणीय नेतृत्व के प्रमुख चेहरों की उपस्थिति

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. राजेंद्र सिंह (वॉटर मैन ऑफ इंडिया), रामवीर तंवर (पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया), राकेश खत्री (नेस्ट मैन ऑफ इंडिया), डॉ. इंदिरा खुराना, उदय शंकर सिंह, सीईओ, विश्व युवा केंद्र, तथा सोशल एक्शन मोबिलाइज़र की टीम (अमरनाथ कुमार (सीईओ), मनीष आनंद (डायरेक्टर), सायक सरकार, विभा दुबे, प्रियंका सिल, देवरूप दास, प्रीति कुमारी, काव्या त्रिखा) की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद PYFC 2.0 रिपोर्ट का विमोचन, मुख्य वक्तव्य, दो पैनल चर्चाएं, पुरस्कार एवं सम्मान समारोह और समापन सत्र आयोजित हुए।

कार्यक्रम में डॉ. राजेंद्र सिंह ने जल को जीवन, आजीविका और समुदायों की आधारभूत जरूरत बताते हुए सामुदायिक भागीदारी और प्राकृतिक संसाधनों की जिम्मेदार देखरेख पर जोर दिया।

“पर्यावरण के लिए बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी से होती है। जब युवा और समुदाय स्वयं जिम्मेदारी लेते हैं, तब संरक्षण एक अभियान नहीं, एक जनआंदोलन बनता है।”
डॉ. राजेंद्र सिंह, वॉटर मैन ऑफ इंडिया

युवा स्वयंसेवा और संस्थागत जिम्मेदारी पर दो अहम संवाद हुए। पहले पैनल का संचालन आशु भाट, Business Advisor & Resource Management, Kyndryl India ने किया। इसमें डॉ. राजेंद्र सिंह, रामवीर तंवर, राकेश खत्री, डॉ. प्रशांत आर. चौहान तथा एनी नमाला ने भाग लिया।

चर्चा का केंद्र युवा सहभागिता, पर्यावरणीय जागरूकता, स्वयंसेवा और स्थानीय समुदायों में पर्यावरण के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना रहा।

दूसरे पैनल में कॉरपोरेट और विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों ने पर्यावरणीय स्थिरता में कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी, कर्मचारी स्वयंसेवा, साझेदारी और संस्थागत सहयोग की भूमिका पर चर्चा की। सत्र का संचालन तन्नू/अदलक्खा तन्नू ने किया। इसमें संजय भाटिया, Senior Consultant, Genpact; डॉ. वाई. सुरेश रेड्डी, Lead CSR & Director, SRF Foundation; और डॉ. इंदिरा खुराना शामिल रहीं।

पैनलों से उभरा साझा संदेश था कि पर्यावरणीय बदलाव का कोई एक प्रवेश-द्वार नहीं है—यह किसी तालाब, घोंसले, कक्षा, समुदाय या केवल एक व्यक्ति के निर्णय से भी शुरू हो सकता है।

PYFC 2.0 पुरस्कार: संस्थानों और संगठनों के योगदान को सम्मान

PYFC 2.0 ने पर्यावरणीय प्रभाव, स्वयंसेवी लामबंदी, सामुदायिक पहुंच और नवाचार में योगदान देने वाले संस्थानों और संगठनों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया। विजेता इस प्रकार रहे:

श्रेणी संस्थान संगठन
Green Impact Champion Award Avantika University Parvaah NGO
Eco-Mobilizer Award Government College for Girls, Sector 14 Prem Youth Foundation
Green Innovation Award AISSMS & KSR College of Engineering Nirman Welfare Foundation

व्यक्तिगत स्तर पर डॉ. गौरव भागरा (Avantika University) को Best Faculty Mentor, डॉ. रेवेथी को Environmental Action Leader, रिडैम जैन को Outstanding Youth Leadership और अचिंत कौर को Distinguished Eco Leader के रूप में मान्यता दी गई।

SAM के लीगल एडवाइज सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट संजीव गुप्ता और एडवोकेट शंभुनाथ सिंह के अलावा, ब्रज बाबू (GYPC चेयरमेन), सुब्रो राय, विनीत जी (गिव ट्रीज) और होस्ट काव्या त्रिखा को भी सम्मानित किया गया।

सम्मान से आगे: योगदान देने वाले हर व्यक्ति को मान्यता

PYFC 2.0

अभियान ने नामांकित संस्थानों और संगठनों के साथ-साथ आयोजन में पर्दे के पीछे योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को भी प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

Army Institute, Guru Ram Dass College of Education, Bahra University और Enactus Shri Aurobindo Evening संस्थागत नामांकनों में शामिल रहे।

संगठन श्रेणी में Pabhav Trust, Anubhuti Samiti, Ekta, Rahii, Ghumakkdi, Bhavisha Trust, A2D Foundation, BYF Foundation, Vikara – The Voice of Change, Ananta Foundation और Thuvakkam Welfare Association को नामांकित किया गया।

आयोजक: “पर्यावरण की जिम्मेदारी सबकी है”

“PYFC का उद्देश्य केवल लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें कार्रवाई का हिस्सा बनाना है। 13,000+ से 32,000+ स्वयंसेवकों तक की यात्रा यह दिखाती है कि जब युवाओं, संस्थानों, नागरिक समाज और कॉरपोरेट क्षेत्र को एक साझा मंच मिलता है, तो छोटी-छोटी पहलें बड़े सामूहिक प्रभाव में बदल सकती हैं। हमारा विश्वास है—पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ लोगों को सब कुछ करने की जरूरत नहीं; जरूरत है कि हम सब कुछ न कुछ करें।”
सायक सरकार, निदेशक, सोशल एक्शन मोबिलाइज़र

PYFC 2.0 का समापन प्रतिभागियों से इस संकल्प के साथ हुआ कि सम्मेलन में हुई बातचीत और सीख को जमीनी कार्रवाई में बदला जाए। आयोजन ने स्वयंसेवा, साझेदारी और समुदाय-आधारित नेतृत्व को भारत के पर्यावरणीय भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण रास्ते के रूप में रेखांकित किया।

PYFC 2.0 एक नज़र में

32,000+ स्वयंसेवक | 21 राज्य | 98+ संस्थान एवं संगठन साझेदार | 300+ सम्मेलन प्रतिभागी

पिछले संस्करण की तुलना: 13,000+ से 32,000+ स्वयंसेवक; 8 से 21 राज्य; 64+ से 98+ साझेदार

मुख्य विषय: पर्यावरणीय स्वयंसेवा, युवा नेतृत्व, कॉरपोरेट जिम्मेदारी, सामुदायिक भागीदारी और स्थायी कार्रवाई

आयोजक: Social Action Mobilizer | स्थान: Vishwa Yuvak Kendra, Chanakyapuri, New Delhi | तिथि: 6 सितंबर 2026